अरुण कुमार गुप्ता|समय नेशनल

शिवसेना प्रवक्ता और उपनेता संजय निरुपम ने आज एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के माध्यम से कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए फर्जी वोटिंग के आरोप का तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी ठोस सबूत के चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं का अपमान कर रहे हैं, जिसे देश बर्दाश्त नहीं करेगा।
इस दौरान संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने उद्धव ठाकरे को डिनर पर बुलाया और आख़िरी पंक्ति में बिठाकर उनकी राजनीतिक हैसियत का आईना दिखा दिया। निरुपम ने कहा कि कल ‘इंडि’ गठबंधन की बैठक हुई थी और राहुल गांधी ने सभी को स्नेह-भोजन के लिए आमंत्रित किया था। इस बैठक में उद्धव ठाकरे अपने परिवार के साथ गए थे।
उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए संजय निरुपम ने सवाल किया – “कुर्सी के लालच में आप खुद को कितना और झुकाएँगे?” उन्होंने आगे कहा कि हिंदुहृदयसम्राट बाला साहेब ठाकरे के समय में वे कभी किसी के दरवाजे पर नहीं जाते थे, न ही किसी बैठक में आख़िरी पंक्ति में बैठते थे। बल्कि मातोश्री में देश के सभी बड़े नेता स्वयं आते थे और विचार-विमर्श करते थे।
निरुपम ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने बाला साहेब ठाकरे के विचारों को केवल मुख्यमंत्री बनने के लिए त्याग दिया, जिसका नतीजा यह है कि कांग्रेस अब उन्हें महत्व नहीं देती और उन्हें अपने दरवाजे पर खड़ा रखती है। यह दृश्य देखकर बाला साहेब ठाकरे को दुख होता होगा। बाला साहेब ने शिवसैनिकों को स्वाभिमान सिखाया था, लेकिन “रक्त के वारिस” उद्धव ठाकरे ने उस स्वाभिमान को त्याग दिया। इसी कारण अब वे “न घर के रहे, न घाट के” और आख़िरी पंक्ति में बैठने को मजबूर हैं। यह देख शिवसैनिकों का मन भी आहत होता है कि मुख्यमंत्री बनने की लालच में उन्होंने अपना स्वाभिमान खो दिया है।
राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए निरुपम ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का यह अब तक का सबसे ख़राब प्रदर्शन रहा—कांग्रेस को सिर्फ 16 विधायक मिले और 21 जिलों में एक भी विधायक नहीं जीता। ऐसे में कांग्रेस को आत्मचिंतन करना चाहिए था, न कि चुनाव आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगाना।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कभी कहते हैं कि 40 लाख फर्जी वोट जुड़े, कभी 72 लाख, तो कभी 1 करोड़—लेकिन सही संख्या आज तक नहीं बता पाए। अगर वे महाराष्ट्र में वोट चोरी का आरोप लगाते हैं और कर्नाटक के आंकड़े पेश करते हैं, तो पहले उन्हें चुनावी प्रक्रिया समझनी चाहिए। मतदाता सूची तैयार करने का काम हर राज्य में राज्य सरकार की मशीनरी करती है, जिसके साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिलाधिकारी और बूथ-स्तर के अधिकारी जुड़े होते हैं। अगर कर्नाटक में वोट चोरी हुई है तो वहां कांग्रेस की सरकार है।
निरुपम ने कहा—“राहुल गांधी को समझना होगा कि कर्नाटक की जनता ने तीसरी बार नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए जनादेश दिया और आपको विधानसभा में सरकार बनाने का मौका दिया।”
अंत में निरुपम ने कहा कि हमारे नेता एकनाथ शिंदे जी, पहले ही कह चुके हैं कि राहुल गांधी फर्जी वोटिंग की बात करके महाराष्ट्र के मतदाताओं का अपमान कर रहे हैं। महाराष्ट्र में ‘लाडली बहन योजना’ से हमारी बहनों को लाभ मिला, लेकिन कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने इसे बंद करने की बात कही थी। इसका जवाब यहाँ की बहनों ने मतदान में कांग्रेस को हराकर दिया।